About Us

Home / About us

Who We Are

Origins of Society - संस्थान उद्भव

शिक्षा समाप्ति के पश्चात भविष्य में कुछ कर गुजरने का स्वप्न लेकर रणबाकुरों क भूमि राजस्थान की धरती पर अपने जीवन की विकास यात्रा शुरू की । 6 वर्शों के कर्मठता पूर्ण सफर से गुजर कर ज्ञान और अनुभवों को समेट कर स्वयं की परिकल्पना को साकार करने हेतु दिशा, पथ प्रदर्शक तथा क्षेत्र की तलाश शुरू की। कई समुदायों और क्षेत्रों के प्रबुद्ध समाज सेवियों से विचार विनिमय तथा मानस चिन्तन के बाद आदिवासी समुदाय के साथ कार्य करने का मानस बनाया।

इस तहर से अलिखित सहरिया आदिवासी समुदाय के साथ ललितपुर की धरती से जुड सके। ललितपुर के पठारी, बंजर विकास से अछूती धरती का का अध्ययन करते तथा आदिवासी समुदायों के साथ यहां के गावों की भौगोलिक, सामाजिक, सांस्कृतिक, शैक्षिणिक एवं आर्थिक परिस्थियों को समझकर कुछ सजग समान विचार धारा के उत्साही, समर्पित साथियों के साथ मिलकर नवम्बर 1997 में भारतीय सामाजिक संस्थान की स्थापना की गई।

Base of Establishment - स्थापना का आधार

भारतीय सामाजिक संस्थान की स्थापना ललितपुर की भौगोलिक, सांस्कृति, सामाजिक, शैक्षिणिक एवं आर्थिक परिस्थितियों का अध्ययन करने के बाद उत्तर प्रदेश में बुन्देलखण्ड के सर्वाधिक पिछडे जनपद ललितपुर में सदियों से चली आ रही कूप-मंण्डूकता, मूढता व अन्धश्रद्धता के स्थान पर आज के ज्ञान-विज्ञान व मानवीय मूल्यों के आधार पर सोचने समझने व आचरण करने के ढंग में बुनियादी परिवर्तन करने के लिए एक स्तम्भ के रूप में हुई।

हमारी परिकल्पना समता मूलक समाज की स्थापना जिसमें समाज का अन्तिम व्यक्ति भी निरीह-करूण अवस्था में अपने को न पाये। ‘विष्वं ग्रामे प्रतिश्ठतम्’ के वाक्य को लेकर हम अपनी दिशा बनाने में लगे जिससे गांवों की पुनर्रचना हो सके और समस्त प्राणी शान्ति, सुख, वैभव के साथ रह कर ‘वसुधैव कुटुम्बकम्’ की भावना को पुर्नजीवित कर सके।

Social Program

View More >>

Education

View More >>

Social Event

View More >>

Social Event

View More >>

Training

View More >>

Activities

View More >>



Main Objective of Society

21वीं शताब्दी के प्रथम चरण में प्राकृतिक रूप से समस्त विश्व प्रवेश कर चुका है और हर प्राणी बेहतर भविष्य की कल्पना में अपने को खोज रहा है ऐसे में भारतीय सामाजिक संस्थान ने भी अपने गरीब, दलित, शोषित, पीडित, उपेक्षित, अशिक्षित पिछडे समाज के बेहतर भविष्य के लिये लगातार मानस चिन्तन तथा समाज व क्षेत्र में व्याप्त विसंगितियों/समस्याओं के आधार पर कुछ उद्देश्यों को तय किया है। संस्थान का हमेशा यही प्रयास रहता है कि इन उद्देश्यों को पूर्ण किया जाये। प्रमुख उद्देंश्य निम्नवत हैं-



Our Objective

1. जल, जंगल, जमीन, जानवर, व जीवन का संरक्षण एवं संवर्धन करना।
2. ग्रामीण हकदारी तथा प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण करना।
3. शिक्षा, स्वास्थ्य एवं आर्थिक रूप से समृद्ध करना।
4. आधुनिकता के साथ परम्परागत तकनीक तथा कृशि परक व्यवसायों कुटीर उद्योगों को बढावा देना।
5. ग्राम सषक्तिकरण के सााि माृषक्ति को संगठित एवं जागृत करना।
6. पंचयायतों को सषक्त करना उनकी पुर्नस्थापना करना ओर पर्यावरण के प्रति समुदाय को जाग्रत करना।
7. समाज के अनाथ, विकलांग, मंदबृद्धि, बेसहरा बच्चों हेतु आवासीय षिक्षण-प्रषिक्षण की व्यवस्था करन तथा बाल अधिकरों के प्रति समाज को जागरूक करना।
8. स्वरोजगार हेतु षिक्षण-प्रषिक्षण एवं उत्पादक केन्दइ्र की व्यवस्था के सााि सहकारी समितियों का गठन करना।
9. वृद्धों, विधवाओं के सााि उपेक्षित मानवों हेतु आश्रम की स्थापना करना।
10. राश्ट्रीय धरोहर, लोक सांस्कृति, गायन, नृत्य, एवं कला का संरक्षण्या संवर्धन तथा लोक विधाओं के सााि ग्रामीण खेलों का विकास करना।
11. समाज में फॅैली विसंगतियों, भ्रन्तियों, करूतियों, धार्मिक अन्धविष्वास, पाखण्डों, छुआ-‘छूत एवं कसंस्कार के विरूद्ध जन चेतना जन संगठन के माध्यम से जाग्रत करना।
12. गावों को स्वच्छ रखने हेतु नषा एवं पोलीथीनके विरूद्ध जन जागृति व अधिकारों के प्रति जन संगइन तैयार करना।
13. ग्रामीण पुनर्रचना हेतु परंपरागत तकनीक का अध्ययन, षोध, प्रबन्ध, प्रषिक्षण एवं विकास करना।
14. भाशा, जाति, लिंग, धर्म, क्षेत्र तर्ग संघर्श से अलग हटकर सामाजिक सौहार्द बढ सके इसके लिए प्रयास करना।
15. शिक्षा विचार मंच एवं ग्रामीण विकास मंच की स्थापना करना।



Our Vision

To be established a self depend and self reliance community by BSS which are playing with the help of Village Development Associations in national and community development. Community members are increasingly shouldering the adverse consequences of the economic downturn and the growing inability of the state to provide economic and social development by initiating, mobilising and galvanising their own resources in the quest for improving their standard of living.

Our Mission

To be vigilant and organized to depressed, poorest and boycotted ruler women, man and youth, make the self depend and reliance fully to them.

Chief Functionary of Society

Tracy - templatemo
Julia - templatemo
Julia - templatemo
Julia - templatemo

VALUABLE TESTIMONIALS & FEEDBACK

  • I know personally Mr. Shivkumar Ji, Managing Director of BSS and their organization for the last 7 years. They have been doing amazing work for the cause of poor and needy in Banda District of U.P. They are an extremely committed and passionate person. I am glad to associate with the organization in all its activities to support.

    Mr. J.K. Verma - Professer
  • I am privileged to convey my best wishes to Mr. S Kumar, Mr. Umasankar Singh and other persons who have done exemplary work in this challenging area at Bhartiya Samajik Sansthan. I wish them all the best in the years to come and to achieve more success in their relentless efforts.

    Mr. N. K. Shrivastava - Social Worker, UK
  • Working with BSS was a very different and very rewarding experience. Through the stories I translated and the interactions with women in the communities, the problems they face and the lives they live became much more real to me. I am very thanks to all team of BSS who are working on a very critical & required development issue at a villege level & I pray to God to success them on their motive.

    Mrs. Shukhya Devi - Sr. Program Officer